Loyola School Telco ने मनाया 10th Anniversary, “The Blue Umbrella” ने जीता सबका दिल
Loyola School Telco का 10वाँ वार्षिकोत्सव: संस्कृति, सृजनात्मकता और शिक्षा का खूबसूरत संगम
A2REPORTS | Jamshedpur
लोयोला स्कूल टेल्को का 10वाँ वार्षिकोत्सव इस बार कुछ अलग, कुछ खास और बेहद यादगार रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रशासनिक सदस्य—
फादर माइकल धनाराज (रेक्टर), फादर विनोद फर्नांडीस (प्राचार्य, लोयोला स्कूल बिस्टुपुर), फादर जेरी (प्रशासक), श्रीमती चरणजीत ओसन (प्राचार्या, लोयोला स्कूल टेल्को), समन्वयक रेशमा और ज़ीनत मारिया सुंडी, तथा मॉडरेटर कालीन जेवियर—अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ मौजूद रहे।
अभिभावकों की उत्साही भागीदारी ने समारोह को और अधिक विशेष बना दिया। सभी की सामूहिक उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक उच्च स्तर की गरिमा और उत्साह से भर दिया।
⭐ ‘द ब्लू अंब्रेला’ बना समारोह का मुख्य आकर्षण
रसकिन बॉन्ड की चर्चित कहानी “द ब्लू अंब्रेला” पर आधारित यह नाटक कार्यक्रम का केंद्र-बिंदु रहा। प्रस्तुति ने न केवल सभागार को भावविभोर किया, बल्कि सच्चाई, सद्भाव, करुणा और त्याग जैसे उच्च मानवीय मूल्यों को भी बखूबी उजागर किया।
नाटक का उद्देश्य यह संदेश देना था कि—
जीवन को सुंदर बनाने के लिए लालच नहीं, बल्कि दयालुता और उदारता जरूरी है।
यह मंचन अपनी सरलता, गहराई और सुंदर प्रस्तुति के कारण दर्शकों के दिल में गहरी छाप छोड़ गया।
🎭 कलाकारों का चमकता प्रदर्शन — कृतिका ने जीता सबका दिल
नाटक में बच्चों का अभिनय इतना स्वाभाविक और प्रभावशाली था कि पूरा सभागार बार-बार तालियों से गूँज उठा।
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कृतिका, बिन्या के रूप में, अपनी मासूमियत और सादगी से दिलों पर छा गईं।
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मोहम्मद यूसुफ ने बिज्जू का किरदार बेहद जीवंत ढंग से निभाया।
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अभिजीत, रामभरोसे के रूप में, मंच पर पूरी मजबूती से उभरे।
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आदर्श ने राजाराम की भूमिका में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
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अवनी ने मां के चरित्र में भावनाओं की गहराई को संवेदनशीलता से portrayed किया।
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शौर्य, हितेश और दीपशिखा ने क्रमशः पुजारी, स्कूल मास्टर और उनकी पत्नी के रूप में कहानी को और सशक्त बनाया।
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राघव, टी-शॉप हेल्पर के रूप में, अपनी सहज और सरल अदाकारी से दर्शकों का मन जीत ले गए।
इन सभी कलाकारों ने संयुक्त रूप से यह सिद्ध किया कि विद्यालयी शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि मूल्यों और जीवन-दृष्टि को आत्मसात कराने का माध्यम भी है।
🎶 नृत्य और संगीत ने बढ़ाया उत्सव का रंग
नाटक के अतिरिक्त नृत्य और संगीत की अन्य प्रस्तुतियों ने मंच को ऊर्जा, उल्लास और रंगों से भर दिया। बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास हर प्रदर्शन में स्पष्ट झलक रहा था।
दर्शकों की तालियों ने न केवल बच्चों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि पूरे कार्यक्रम को एक जीवंत, प्रेरक और आनंदमय स्वरूप दिया।
🎤 मुख्य अतिथि डॉ. संजय का प्रेरक संबोधन
मुख्य अतिथि डॉ. संजय ने कहा कि इस समारोह ने उन्हें अपने स्कूल जीवन की मधुर यादों में फिर से लौटा दिया।
उन्होंने विद्यालय को 10 गौरवशाली वर्षों के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह संस्था बच्चों के सपनों को सशक्त बनाने और नेतृत्व को विकसित करने में अद्वितीय कार्य कर रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—
“बड़े सपने देखिए, कड़ी मेहनत कीजिए — सफलता निश्चित है।”
🎓 प्राचार्या ने व्यक्त किया आभार
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या श्रीमती चरणजीत ओसन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह सफल आयोजन पूरी टीम की एकजुटता और बच्चों की प्रतिभा का परिणाम है।





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